‘नीम’ के प्रयोग से मिलता है, डायबिटिज में अविश्वसनीय लाभ
दोस्तों , आज हम आप लोगों के लिए लेकर आये हैं,;नीम’।जिसे हर मर्ज की दवा भी कहा जाता है
नीम, एक चमत्कारी वृक्ष के साथ-साथ भारतीय सभ्यता में एक पूजनीय वृक्ष भी है। ये स्वाद में कड़वा जरूर होता है लेकिन इसके फायदे जानकर शायद आप हैरान हो जाएंगे। नीम हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। मसलन इसका सबसे ज़्यादा प्रयोग सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है।इस पेड़ के सारे हिस्से फायदेमंद होते है जैसे छाल, फल, पत्ते आदि। इसके एंटीबैक्टीरियल गुड़ के कारण ये डायबिटिज जसी रोग में बहुत फायदेमंद है।
न सिर्फ डायबिटिज बल्कि ये और भी कई सारे रोगो में साहयक होता है।इसकी छाल खासतौर पर मलेरिया और त्वचा संबंधी रोगों में बहुत उपयोगी होती है। इसके पत्तों में मौजूद बैक्टीरिया से लड़ने वाले गुण मुंहासे, छाले, खाज-खुजली, एक्जिमा वगैरह को दूर करने में मदद करते हैं।

जले हुए स्थान पर नीम का तेल या पत्तों को पीस कर लगाने से आराम मिलता है। इसकी पत्तियों और तेल में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। इसलिए कटे हुए स्थान पर इसका तेल लगाने से टिटनेस का भय नहीं रहता। इसके अलावा यदि आप फोड़े और फुंसियों की समस्या से बचना चाहते है तो नीम के पत्ते, छाल और फलों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें, अब इस पेस्ट को त्वचा पर लगाएं। इससे फोड़े−फुसियां तथा घाव जल्दी ठीक हो जाते हैं। इसकी पत्तियों को पानी में उबाल कर तथा ठंडा करके उस पानी से मुंह धोने से मुहांसे दूर होते हैं।
अगर आप के कान में दर्द हो रहा है तो इसका तेल आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके तेल को हल्का गर्म करके कण में लगतार कुछ दिन तक डालने से आराम मिलता है।इसके दातुन से दांतो को साफ़ करा जाए तो मसूड़ों से खून आना और पायरिया जैसी बीमारितो में भी काफी लाभ मिलता है। इसके साथ-साथ अगर इसकी छाल और पत्तो को गर्म पानी में डालकर उबाल ले और फिर उस पानी से कुल्ला किया जाए तो आपको कभी दांतों और मसूड़ों से संबंदी कोई परेशानी नहीं होगी।

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